बाबा रामदेव विकास समिति ट्रस्ट मगरा पूंजला जोधपुर

“बाबा रामदेव विकास समिति ट्रस्ट, मगरा पूंजला जोधपुर के पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने डा . महेश परिहार “”
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक जी गहलोत का राजनीतिक सफर जिस मंदिर में पहली जनसभा से शुरू हुआ , उस मंदिर के इतिहास में इतने वर्षों में पहली बार चुनाव की प्रक्रिया द्वारा अध्यक्ष चुना गया । बाबा रामदेव विकास समिति ट्रस्ट मगरा पूंजला जोधपुर के 6 पदाधिकारी एवं 10 ट्रस्टियों के चुनाव हेतु चुनाव की प्रक्रिया में अध्यक्ष पद हेतु कुल 5 प्रत्याशी मैदान में थे जिनमें डा. महेश परिहार , गवर्नमेंट A++ contractor छगनीराम गहलोत,राकेश परिहार , महेंद्र सिंह टाक लाला एवं सिटी मजिस्ट्रेट ऑफिस से सेवानिवृत संपत सिंह भाटी के बीच मुकाबला होना था । जबकि 2 उपाध्यक्ष पद पर रामचरण परिहार , अशोक परिहार , मंत्री नरेश परिहार , उप मंत्री धर्मेंद्र भाटी , कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गहलोत के साथ 10 ट्रस्टी में जयसिंह परिहार , शांतनु भाटी , जितेंद्र सांखला , गजेन्द्र गहलोत , विक्रम सिंह सांखला , रणछोड़ सिंह परिहार , गोपी किशन गहलोत , विनीत सांखला , संदीप गहलोत एवं दुर्गाशंकर शर्मा पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे , चूंकि संपत सिंह भाटी के सिटी मजिस्ट्रेट ऑफिस में कार्यकाल के दौरान सैंकड़ों चुनाव करवाने का अनुभव प्राप्त करने और उनके लंबे प्रशासनिक , सामाजिक एवं राजनीतिक अनुभव के कारण मजबूत दावेदार ठेकेदार छगनी राम गहलोत , महेंद्र सिंह टाक लाला और राकेश परिहार ने संपत सिंह भाटी के समर्थन में अपना नाम वापिस ले लिया, किन्तु जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में माली स्टूडेंट्स कौंसिल के अध्यक्ष के रूप में अपनी दमदार स्पष्टवादी राजनीति से समाज के कई युवाओं को जीत दिलाकर महासचिव पद पर एक प्रकार से माली समाज का स्थाई आधिपत्य जमा चुके छात्र राजनीतिज्ञ डा. महेश परिहार किसी के समर्थन में नाम वापिस लेने को तैयार नहीं हुए और व्यापक जनहित में सुधार कार्य करने के मजबूत प्रतिज्ञा के साथ अंत तक मैदान में डटे रहे ,जिससे डा. महेश परिहार अपने चुनाव चिन्ह “शेर “और संपतसिंह भाटी के चुनाव चिन्ह “साइकल ” के बीच मुकाबला टक्कर भरा रहा , जहां डा महेश परिहार द्वारा संस्था में अपना एक भी सदस्य नहीं बनाए जाने के बावजूद राजनीतिक धुरंधर संपत सिंह भाटी को 75 वोटों से पराजित कर ऐतिहासिक और धमाकेदार जीत दर्ज कर दी । समिति के 70 आजीवन सदस्य और 233 साधारण सदस्यों में कुल 303 मतों में से 279 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया । दिनांक 22जून 2025 रविवार को मंदिर प्रांगण में सुबह 8 से शाम 4 तक हुए गुप्त मतदान प्रक्रिया के पश्चात मतगणना के दौरान 4 मत खारिज पाए गए एवं 100 वोट संपत सिंह भाटी को मिल पाए शेष 175 मत डा. महेश परिहार को प्राप्त हुए । इस प्रकार डा. महेश परिहार ने एक वरिष्ठ और राजनीति में मंजे हुए खिलाड़ी को भी 75 वोटों से पराजित कर अध्यक्ष पद पर विजय प्राप्त की ।
डा. महेश परिहार की विजय पर सभी क्षेत्रवासियों में एक गजब का उत्साह जगा है । सभी अलग अलग मोहल्लों में रोज उनकी टीम के सदस्यों का स्वागत सत्कार कर गांव के मंदिर , रामतलाई नाडी , शमशान , गौशाला का वास्तविक विकास और इनके पुनरुद्धार की मांग क्षेत्र की आम जनता कर रही है , वहीं ट्रस्ट अध्यक्ष इन बहुप्रतीक्षित मांगों और विकास को हर हाल में करवाने का वचन क्षेत्र की जनता को देकर आश्वस्त कर रहे हैं ।
चुनाव अधिकारी शैलेन्द्र सिंह गहलोत ने शांतिपूर्ण मतदान करवाया । पूर्व अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह गहलोत पप्सा ने शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण मतदान के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया ।
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