15 अगस्त की गरिमा बनाए रखें — लालच नहीं, देशभक्ति हो आयोजन का आधार
खबर का असर: राजस्थान सरकार ने जारी की स्वतंत्रता दिवस आयोजन के लिए नई गाइडलाइन
जोधपुर।
स्वतंत्रता दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हमारी आज़ादी, गर्व और बलिदान की भावना को सम्मान देने का दिन है। हाल ही में विश्व हिंदू सेवा संघ, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष श्री रोहित शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री महोदय को प्रेषित पत्र का सकारात्मक असर सामने आया है। इस पत्र में आग्रह किया गया था कि 15 अगस्त जैसे पवित्र राष्ट्रीय पर्व को व्यापारिक अवसर बनाकर ऑफर्स या छूट देकर भीड़ इकट्ठा करने का माध्यम न बनाया जाए, बल्कि इसे देशभक्ति, संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान का प्रतीक माना जाए।
इस अनुरोध के परिणामस्वरूप राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने 75वें स्वतंत्रता दिवस महोत्सव के अंतर्गत नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि अमृत सरोवर स्थलों पर जल संरक्षण, पौधरोपण, स्वच्छता, तिरंगा सम्मान और युवाओं की भागीदारी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिनका उद्देश्य समाज में देशप्रेम और नागरिक चेतना को मजबूत करना हो।
क्या है सरकारी गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य?
1. स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रभक्ति के स्वरूप में मनाना।
2. किसी भी आयोजन में लालच, छूट या व्यावसायिक ऑफर का प्रयोग न किया जाए।
3. देश के वीर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया जाए।
4. कार्यक्रमों की रिपोर्ट और फोटो अमृत सरोवर पोर्टल पर अपलोड की जाए।
समाज से क्या अपेक्षा है?
सरकार ने सभी सामाजिक संगठनों, स्कूलों, कॉलेजों, व्यापारिक संस्थाओं और नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इन गाइडलाइनों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि इस बार का 15 अगस्त “भीड़ नहीं, भावना” का प्रतीक बने।
रोहित शर्मा ने कहा:
> “हमारा उद्देश्य 15 अगस्त को एक सच्चे राष्ट्रपर्व की तरह मनाना है — ना कि छूट और ऑफर्स का बाजार बना देना। देश की आत्मा से जुड़े इस दिन पर हर नागरिक को अपनी भूमिका राष्ट्रनिर्माण में निभानी चाहिए।”