दाह संस्कार से पहले बेटियां और बेटों ने लगाए पौधे फिर किया अंतिम संस्कार ।
वृक्षमित्र के दाह संस्कार से पहले बेटियां और बेटों ने लगाए पौधे फिर किया अंतिम संस्कार ।

पेड़ पौधों की जोत जगाने वाले की अंतिम विदाई में पर्यावरण का दिया संदेश ।
भावी में रविवार दोपहर को गांव के वृक्षमित्र एवं गौसेवक कानाराम पितावत कृषि कार्य करते समय गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें आनन फानन में ट्रॉमा सेंटर बिलाडा ले जाया गया जहां उन्हे जोधपुर रेफर कर दिया जोधपुर एम्स में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई ।
कानाराम पितावत के निधन के समाचार सुनते ही गांव में शोक की लहर छा गई । सोमवार को उनके अंतिम संस्कार के दौरान ट्री मेन गोविंद सीरवी की पहल पर दाह संस्कार से पहले श्मशान भूमि में ही उनकी तीनों बेटियां लक्ष्मी,सावित्री, दिव्या भाई कैलाश पितावत , जयंत चौधरी के द्वारा तीन पौधे लगाए गए । साथ ही ट्री मेन के भाई भंवरलाल सीरवी के निधन पर उनके बेटे सुमेर ओर माधव सीरवी ने भी 3 पौधे लगाकर उनके पिताजी को श्रद्धांजलि दी गई कानाराम जी पितावत पौधे से बहुत प्रेम करते थे उसको ध्यान में रखते हुए ये पहल की इस दौरान ट्री मेन गोविंद सीरवी ने कहा की बिलाडा क्षेत्र में पर्यावरण के प्रति जोत जगाने वाले कानाराम जी को हमेशा याद रखा जाएगा पर्यावरण के प्रति उनका समर्पण को कभी भुलाया नहीं जाएगा ।आपको ये भी बता दे की कानाराम जी पर्यावरण के साथ साथ गो सेवा भी करते थे हर अमावस्या ओर पूर्णिमा को अपने निजी टैक्टर से गांव में फेरी देकर गायों के रोटियां गुड इतियादी इकठ्ठा करके गोशाला में देते थे । दाह संस्कार से पहले पौधे लगाने की पहल पहले से ही चल रही थी जिन्हें लगातार जारी रखा आपको ये भी बता दे बिलाडा क्षेत्र में किसी भी तरह के आयोजनों पर ट्री मेन गोविंद सीरवी द्वारा पौधे भेट करते हुए नजर आते रहते है ।पौधरोपण के दौरान उनकी तीनों बेटियां लक्ष्मी, सावित्री, दिव्या ओर बेटे कैलाश पितावत,ललित चौधरी ,जयंत चौधरी माधव सीरवी ,सरपंच सुराराम सीरवी ,ट्री मेन गोविंद सीरवी,जोधाराम बरफा, चूत्राराम आर्य, धनेश सुथार,तेजाराम,जितेंद्र जैन,दिलीप पितावत ,लक्ष्मण,अशोक आर्य खीयाराम सहित कई ग्रामीणजन मौके पर मौजूद थे ।